भारतीय वैज्ञानिक डॉ. नीता सामंतराय के रिसर्च पेपर का NASA के हाई-प्रायोरिटी यूरेनस एक्सप्लोरेशन कार्य में उल्लेख

भारतीय शोधकर्ता डॉ. नीता सामंतराय के रिसर्च पेपर को NASA के वैज्ञानिक ने हाई-प्रायोरिटी यूरेनस एक्सप्लोरेशन कार्य में उल्लेख किया है।

भारतीय अकादमिक और वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। नीता सामंतराय अब द क्रेज़ी करियर्स मीडिया की एडिटर-इन-चीफ और सीईओ हैं। यह रिसर्च पेपर उनके पीएचडी शोध कार्य का हिस्सा था।

NASA के द्वारा यह शोध बताता है कि PowerSail तकनीक एक अत्यंत पतली, फोल्डेबल और रोल की जा सकने वाली पॉलीइमाइड फिल्म पर आधारित होती है, जिस पर उन्नत फोटोवोल्टिक सोलर सेल्स को पूरी सतह पर एम्बेड किया जाता है। इस संरचना पर एक सुरक्षात्मक कोटिंग लगाई जाती है और ऊर्जा ट्रांसमिशन के लिए विशेष कंडक्टिव ट्रेस का उपयोग किया जाता है। भविष्य में इस तकनीक को एडिटिव या प्रिंटेड मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना है, जिससे विशाल सोलर एरे बनाए जा सकें। यह तकनीक न केवल गहरे अंतरिक्ष मिशनों बल्कि भविष्य में मंगल जैसे ग्रहों तक तेज मानव मिशन और अंतरिक्ष में निर्माण प्रक्रियाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।यह उल्लेख वैश्विक वैज्ञानिक शोध में भारतीय शोधकर्ताओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।

इस पर डॉ. सामंतराय ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निरंतर वैज्ञानिक प्रयास और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि वैश्विक शोध जगत में भारत की बढ़ती पहचान का प्रतीक है।

NASA जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान से मिली यह उल्लेख भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणादायक है और देश के युवा शोधकर्ताओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।