पत्रकारिता लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा है इसे कमजोर करने का प्रयास कतई न करें: सुधीर “आज़ाद” तम्बोली
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर छत्तीसगढ़ से आज़ाद अपील
रायपुर। रायपुर के जाने-माने पत्रकार सुधीर आजाद तंबोली ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस 30 मई 2025 के पावन दिन देश भर में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की लड़खड़ाती हालत की रक्षा खातिर देश भर के पत्रकारों से अपील की कि “जो लोग पत्रकारों के खिलाफ बोल रहे, पत्रकार साथियों की गलती बता रहे है और वे लोग जो पत्रकारों के खिलाफ माहौल बनाने में उनका साथ दे रहे है उनसे निवेदन है कि अपने गिरेबां में झांके और व्यवस्थाओं पर पहले गौर करें की क्रिया की प्रतिक्रिया क्या और कैसे होती है, और क्या-क्या प्रभावित होता है, या हो सकता है। पत्रकार स्वयं के लिए न्यूज कवरेज करने कही नहीं जाता, संस्थान के लिए जाता है, पाठकों और जनसरोकार के लिए कहीं जाता है, इवेंट और कांफ्रेंस में भी बिन बुलाये कोई पत्रकार नहीं जाता है, जब तक सार्वजनिक सूचना अथवा कोई विशेष कारण न हो इसलिए पत्रकारों पर जाने-अनजाने टिपण्णी करने वालो को अपने विवेक का पूर्ण उपयोग कर कोई भी बात लिखने, कहने का सादर अनुरोध है क्योंकि पत्रकारिता लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा है और पत्रकार लोकतंत्र में आवाम की बात सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है इसे कमजोर करने वाला प्रयास कतई न करें क्योंकि गर भविष्य में कोई आपकी कोई बात होगी तो उस वक़्त भी पत्रकारिता से जुड़ा कोई माध्यम ही आपके काम आएगा।






