दिल्ली। वर्तमान संदर्भ में हमारे साहित्य की परिभाषा बदल गई है ,साहित्य का उपयोग राष्ट्रवाद के उत्थान में नहीं हो रहा,यह उदगार वाङ्गमय कला संगम (साहित्य सिनेमा कला रंगमंच) के तत्वाधान में सम्पन्न सृजनाभिनंदनम् 4 कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डा० राकेश कुमार आर्य (प्रसिद्ध इतिहासकार एवं मुख्य संपादक ‘उगता भारत) ने व्यक्त किए।
वरिष्ठ साहित्यकार, गुरूग्राम, हरियाणा डा० विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ वरिष्ठ के संयोजन में शनिवार,25 अप्रैल 2026 को हिंदी भवन,11, विष्णु दिगम्बर मार्ग (राउज एवेन्यू), निकट बाल भवन, नई दिल्ली के गोष्ठी कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के साहित्यकारों,कवियों तथा अन्य विधाओं के महानुभाव उपस्थित रहे। इस अवसर से मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता, संपादक एवं साहित्यकार, भोपाल डॉ. श्री सैयद खालिद कैस ने अपने उद्बोधन में हिन्दी भाषा के संरक्षण पर बल दिया ।उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य के उत्थान के लिए हमें पहले हमारे घर से हिंदी भाषा का संरक्षण करना होगा। जब हम हिंदी भाषा का संरक्षण अपने घर में नहीं कर पा रहे तब समाज ओर देश से क्या उम्मीद की जा सकती है।
प्रमुख शिक्षाविद्, दिल्ली विश्वविद्यालय श्री चन्द्रमणि ब्रह्मदत्त के सफलतम संचालन में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य वक्ता -डा० मीनू पांडेय ‘नयन’ (निदेशक बाल साहित्य शोध सुजन पीठ, मध्य प्रदेश शासन साहित्य अकादमी संस्कृक्ति परिषद, भोपाल)डा० रीता नामदेव (एसोसिएट प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय)डा० वीणा शंकर शर्मा’ चित्रलेखा (एसो. प्रोफेसर से. निवृत्त, चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय, प्रसिद्ध साहित्यकार)
डा० यतीन्द्र कटारिया (वरिष्ठ साहित्यकार, मंडी धनौरा, अमरोहा)डा० यशवंत भण्डारी (वरिष्ठ साहित्यकार, झाबुआ, मध्यप्रदेश) सुश्री राधा पांडेय (अर्न्तराष्ट्रीय साहित्यकार, गंगतोक, सिक्किम) श्री हनुमान सैनी (नेशनल अवार्डी, मिनिएचर आर्टिस्ट, जयपुर) डा० ओमप्रकाश प्रजापति (मुख्य संपादक टू मीडिया, गाजियाबाद) श्रीमती अंजू कालरा दासन (वरिष्ठ कवयित्री, नोएडा) डा० हरि सिंह पाल (महामंत्री नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली) श्री सोमपाल सिंह पुण्डीर (प्रसिद्ध साइक्लिस्ट, सहारनपुर, उ०प्र०) श्री संतोष कुमार हिंदवी (वरिष्ठ साहित्यकार, लखनऊ) सहित अन्य ने हिंदी साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मौजूद कवि , कवियित्रियों ने काव्य पाठ भी किया।
कार्यक्रम के मध्य में वरिष्ठ साहित्यकार, गुरूग्राम, हरियाणा डा० विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ डाक्टर राकेश छोकर विश्व कीर्ति धारक, साहित्यकार सहित अन्य लेखकों की किताबों का भी विमोचन किया गया।प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स पंजीकृत की राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्रीमती शशि दीप मुंबई की अभिनव कृति अंतर्मन का उद्घोष का भी इस अवसर पर विमोचन हुआ।
इस अवसर पर देश भर से पधारे साहित्य,कला तथा अन्य विधाओं के महानुभावगण का वाङ्गमय कला संगम (साहित्य सिनेमा कला रंगमंच)द्वारा सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मान भी किया गया। अंत में कार्यकम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉक्टर राकेश छोकर द्वारा किया गया।







